प्यारा सा मुखड़ा, घुंघराले केश,
कलयुग का राजा, खाटू नरेश,
हारे का सहारा है, मेरा श्याम धणी,
भक्तों का दुलारा है, मेरा श्याम धणी॥
बन सँवर के बैठा,ये तो दरबार अपना लगा के,
देख लो करिश्मा,श्याम चरणों में सर को झुका के,
कष्ट कटे दुखड़े मिटें,देता छुटकारा है, मेरा श्याम धणी,
आ रहे हैं लाखों,श्याम बाबा का करते है दर्शन,
ध्यान से जो देखे,इनके चेहरे में है वो आकर्षण,
दीवाना कर देता,ऐसा जादुगारा है, मेरा श्याम धणी,
जो भी हो जरुरत,सच्चे मन से तू अर्जी लगा दे,
चाहिए अगर कुछ,इसकी चौखट पे पल्ला बिछा दे,
कितनों के किस्मत की,रेखा को सँवारा है, मेरा श्याम धणी,
मुझको जो कुछ मिला है,कैसे शब्दों में वर्णन करूँ मैं,
बार बार आकर,इस दाता के पैंया पड़ूँ,
दिल मेरा यूं बोले, भक्तों ये हमारा है, मेरा श्याम धणी,
कलयुग का राजा, खाटू नरेश,
हारे का सहारा है, मेरा श्याम धणी,
भक्तों का दुलारा है, मेरा श्याम धणी॥
बन सँवर के बैठा,ये तो दरबार अपना लगा के,
देख लो करिश्मा,श्याम चरणों में सर को झुका के,
कष्ट कटे दुखड़े मिटें,देता छुटकारा है, मेरा श्याम धणी,
आ रहे हैं लाखों,श्याम बाबा का करते है दर्शन,
ध्यान से जो देखे,इनके चेहरे में है वो आकर्षण,
दीवाना कर देता,ऐसा जादुगारा है, मेरा श्याम धणी,
जो भी हो जरुरत,सच्चे मन से तू अर्जी लगा दे,
चाहिए अगर कुछ,इसकी चौखट पे पल्ला बिछा दे,
कितनों के किस्मत की,रेखा को सँवारा है, मेरा श्याम धणी,
मुझको जो कुछ मिला है,कैसे शब्दों में वर्णन करूँ मैं,
बार बार आकर,इस दाता के पैंया पड़ूँ,
दिल मेरा यूं बोले, भक्तों ये हमारा है, मेरा श्याम धणी,
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें