वो तो लाल लंगोटे वाला है
वो तो अंजनी का लाला है

मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवहु सुदशरथ अजर बिहारी
वो तो लाल लंगोटे वाला है
वो तो अंजनी का लाला है

रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाये पर वचन ना जाये
वो तो वचन निभाने वाला है
वो तो लाल लंगोटे वाला है
वो तो अंजनी का लाला है

संकट से हनुमान छुडावे
मन क्रम वचन ध्यान जो लावे
वो तो संकट हरने वाला है
वो तो लाल लंगोटे वाला है
वो तो अंजनी का लाला है

भूत पिशाच निकट नहीं आवे
महावीर जब नाम सुनावे
वो तो भूत भगाने वाला है
वो तो लाल लंगोटे वाला है
वो तो अंजनी का लाला है

विध्यावान गुनी अति चातुर
राम काज करिबे को आतुर
वो तो कारज करने वाला है
वो तो लाल लंगोटे वाला है
वो तो अंजनी का लाला है

सब सुख लए तुम्हारी शरण
तुम रक्षक काहू को डरना
वो तो डर भगाने वाला है
वो तो लाल लंगोटे वाला है
वो तो अंजनी का लाला है

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