मेरी छोटी सी नाव तेरे जादू भरे पाँव,
मोहे डर लागे राम कैसे बिठाऊं तोहे नाव में,
राम कैसे बिठाऊ तोहे नाव में…

जब पत्थर से बन गई नारी, है काठ की नाव हमारी,
सुनो सुनो जी पुकार मेरो,
योही रोजगार या से पालूं परिवार,
कैसे बिठाऊं तोहे नाव में…

प्रभु मानो तो विनय सुनाऊं तेरे चरणों की धूल उतारू,
हो जो आप को मंजूर मेरा संदेह हजुरु,
सुनो सुनो जी हजूर
पीछे बिठाऊं तोहे नाव में…

या लेले केवट उतराई, मेरे पल्ले न पैसा पाई,
करलो जीया को स्वीकार,
तूने तारे नदी पार सुखी हो तेरो संसार,
हम बैठे तुम्हारी नाव में…

जैसे हम हैं केवट वैसे तुम हैं, भाई भाई से लेना ना धर्म है,
हम उतारे नदी पार आप करो भव पार,
वंदन करूं बारमबार
जो बैठे हमारी नाव में…

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