भेजा है बुलावा तूने शेरा वालिए

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भेजा है बुलावा तूने शेरा वालिए ओ मैया तेरे दरबार में
हाँ तेरे दीदार को मैं आऊंगा कभी न फिर जाऊँगा
भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए ओ मैया तेरे दरबार,
शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए नी
सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

तेरे ही दर के हैं हम तो भिखारी,
जाएं कहाँ यह दर छोड़ के, हाँ छोड़के ।
तेरे ही संग बांधी भक्तों ने डोरी,
सारे जहाँ से नाता तोड़ के, हाँ तोड़के ॥



फूलों में तेरी ही खुशबू है मैया,
चंदा में तेरी ही चांदनी, हाँ चांदनी ।
तेरे ही नूर से है नैनों की ज्योतियाँ,
सूरज में तेरी ही रौशनी, हाँ रौशनी ॥




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